Tuesday, 2 October 2012

मौसेरी बहन सविता की चुदाई -

सभी दोस्तों को मेरा नम्स्कार ! मैं फ़िर अपने वायदे के साथ अपनी दूसरी कहानी लिख रहा हूं। आप सब जानते हैं कि मेरा नाम पुनीत है और मुझे इनसेस्ट सेक्स बहुत अच्छा लगता है। उम्मीद है आपको मेरी पहली कहानी ‘मौसी को चोदा’ ज़रूर अच्छी लगी होगी। अब मैं आपको अपनी इस कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे मौसी की बड़ी लड़की सविता की चुदाई की।

मौसी और मौसा जी की चुदाई के बाद शाम को मैंने उनसे अपना वायदा पूरा करने के लिये कहा जिसमें उन्होने अपनी बेटी सविता को चोदने की इजाजत दे दी थी।

मौसा जी बोले- तुम शाम को उसे जब अकेले देखना और फिर मौका देखकर उसकी चुदाई कर लेना।

मैं इस प्लानिंग से मैं बहुत खुश हो गया।

शाम को हम सब एक साथ डिनर कर रहे थे। मेरी नज़र बार बार सविता की चूची पर जा रही थी जो कि उसके नाईट सूट से बाहर आने को बेताब थी। दोस्तों उसकी फ़िगर 34-28-34 हैं। उसके चूंची अपनी मां की ही तरह सभी को बहुत तड़पाती होंगी।

खाना खाने के बाद निशा (छोटी बेटी) और नितिन (छोटा लड़का) बोले- भैया चलो ऊपर कमरे में चलकर कुछ खेलते हैं।

पर मेरा मूड तो कुछ और ही था, मैंने मौसी से कहा- मौसी आप और मौसा जी इन दोनों के साथ ऊपर जाकर खेलो, मैं अभी टीवी देख कर आ जाऊंगा।

उन्होंने कहा- ठीक है।

और वो ऊपर चले गये और साथ ही सविता को मेरा ध्यान रखने को बोल गये। मौसा जी कहने लगे- सविता, भैया को अपनी सभी नई सीडी दिखा देना।

सविता बोली- ओ के पापा।

हम दोनों अब टीवी के सामने दीवान पर साथ बैठे थे, वो बोली- भैया, आपको कौन सी मूवी देखनी है?

मैंने कहा- कोई भी बड़े बच्चों वाली लगा दो !

तो वो बोली- क्या मतलब?

मैं उसकी तरफ़ आंख मारकर बोला- वही जो लोग शादी के बाद देखते हैं।

इतना सुनकर वो बोली- धत्त ! तुम बड़े गन्दे हो !

और हंसने लगी। मैं समझ गया कि वो तैयार है। और थोड़ी सी तैयारी के बाद आसानी से काम बन जयेगा।

वो बोली- भैया, ऐसी तो कोई सीडी नहीं है मेरे पास।

मैं बोला- कोई बात नहीं ! मैं अभी मारकेट से ले आता हूं।

इतना कहकर मैं बाहर जाने लगा। मुझे उसके चेहरे पर एक अलग मुस्कान दिख रही थी। मारकेट में बहुत मुश्किल से मुझे एक ब्ल्यू फ़िल्म की सीडी मिल गई। जो कि हिन्दी में थी। मैं अब वापस आकर सविता से बोला- लो सीडी। स्टार्ट करो ! मैं अपनी ड्रेस चेंज करता हूं।

वो बोली- ठीक है।

उसने मुझे मौसा जी का एक पायजामा और कुरता लाकर दिया।

मैंने अपनी पैन्ट खोली तो उसकी नज़र मुझे ही घूर रही थी। मैं मुस्कराने लगा। कपड़े बदलने के बाद मूवी शुरु हो गई तो हम फ़िर साथ दीवान पर बैठ गये। मूवी के पहले सीन में लड़की नहा रही थी। तभी एक लड़का भी बाथरूम में आकर उसके साथ छेड़छाड़ करने लगता है। मैंने देखा कि सविता का चेहरा एकदम लाल हो रहा था। मैंने तभी उसका हाथ पकड़ लिया। उसक पूरा बदन कांप रहा था। मैं समझ गया के ये सब बैचेनी मूवी के कारण है पर मैं अनजान बनकर उसे पूछने लगा- अरे, तुम्हें क्या हुआ? लगता है तुम्हारी तबियत खराब है, देखो, तुम्हारा पूरा बदन कांप रहा है। लाओ मैं तुम्हारा हार्ट बीट्स चेक करता हूं।

इतना कहते ही मैंने अपना हाथ उसके नाईट सूट में घुसा दिया और उसकी चूची दबाने लगा।

सविता एकदम चौंक कर बोली- पुनीत, यह क्या कर रहे हो। मैं आपकी बहन हूं और कोई आ गया तो बहुत बुरा होगा।

मैं उसको इमोशनल करते हुए बोला- सविता, तुम मेरी बहन हो, यह मेरी मज़बू्री है नहीं तो मैं तुम्हें बचपन से जान से ज्यादा प्यार करता हूं और तुम्हारे बिना रह नहीं सकता।

इतना सुनकर वो इमोशनल होकर मुझसे चिपट गई और बोलने लगी- आई लव यू पुनीत, तुमने पहले मुझसे ये सब क्यूं नहीं कहा।

मैं बोला- हम शादी तो नहीं कर सकते पर थोड़ी मस्ती तो ले ही सकते हैं।

वो बोली- अगर मैं प्रेगनेंट हो गई तो?

मैं बोला- तुम मुझ पर विश्वास करो मैं ऐसे कुछ नहीं होने दूंगा।

वो बोली- तब ठीक है।

अब हमारे बीच किसी तरह की कोई दूरी नहीं रह गई थी। इसलिये मैंने पहले जाकर टीवी ओफ़ कर दिया जिससे पूरा ध्यान सविता की चुदाई पर लगा सकूं। दीवान पर आकर मैंने उसे लेटा दिया और उसके बगल में लेट कर उसके होठों को चूसने लगा। वो भी मेरे पूरा साथ देते हुए अपने जीभ मेरे मुंह में अन्दर बाहर कर रही थी। इस सब में इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकता। मैंने अपना कुरता उतार दिया और बनियान भी। अब मैं केवल पायजामे और उसके अन्दर अन्डरवियर में था। मैंने सविता के नाईट सूट के बटन खोलने शुरू कर दिया। वो शरमा कर सिमटी जा रही थी। पहली बार कोई उसके जवान बदन को छू रहा था।

उसका नाईट सूट हटते ही उसकी चूची ब्रा में कैद होकर भी आधी से ज्यादा दिख रही थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूमना शुरू कर दिया, मेरा हाथ उसके पैन्टी को खोलने में लगा था और उसकी पैन्टी निकालने कि लिये मैंने उसे इशारा किया तो उसने अपने चूतड़ों को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और मैंने उसे टांगों से बाहर निकाल दिया।

उफ़्फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी गोरी और मांसल जांघे देख कर मेरा लौड़ा पजामा फ़ाड़ने को तैयार हो गया। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने अपना पजामा और अन्डरवियर निकालकर फेंक दिया। वो मेरे खड़ा लण्ड देखकर बोली- पुनीत ये लण्ड मेरी चूत में कैसे जायेगा, मैंने तो आज तक इसमें एक उंगली भी नहीं डाली।

मैं बोला- मेरी जान देखती जाओ ! तुम्हारा दीवाना क्या क्या करता है।

मैं उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा तो वो मुझसे चिपट गई। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा। मेरा लण्ड बार बार जोर मार रहा था और उसकी जांघो पर छू हो रहा था। आआह्हह्ह ! यह एक अलग मज़ा था। मेरी छाती और उसकी चूंची के बीच बस उसकी ब्रा थी जो मैंने एक तरफ़ खींच कर निकाल दी।

उफ़्फ़फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी दूध जैसे गोरी चूची देखकर मन कर रहा था कि उसको काट लूं। उसके गुलाबी चुचूक को मैं मुंह में लेकर चूसने लगा। वो एकदम टाईट हो गये। उसके हाथ मेरे बालों में घूम रहे थे और मैं बहुत बेचैनी के साथ उसकी चूची को सुसक कर रहा था। थोड़ी देर के बाद मैं उसके पैर की तरफ़ आ गया और उसकी पैन्टी अपने दांतों से खींचने लगा। उसको बाहर निकालकर मैं अपना हाथ उसके पैरों को छूते हुए जांघो पर घुमाने लगा। मेरे मुंह उसकी चूत पर था। उस पर बहुत घने बाल थे।

मैं सविता से बोला- तुम कभी अपनी चूत शेव नहीं करती?

वो बोली- कभी इस तरफ़ ध्यान ही नहीं दिया।

मैं बोला- कोई बात नहीं, फ़िर कभी मैं साफ़ कर दूंगा।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमानी शुरू कर दी। उसको बड़ा अज़ीब लग रहा था, वो बोली- पुनीत, यह क्या कर रहे हो?

मैंने पूछा- क्यूं? मज़ा नहीं आ रहा क्या?

वो बोली- मज़ा तो बहुत आ रहा है।

उसकी सिसकारी सारे कमरे में सुनाई दे रही थी आआआआह्हह्हह्हह्हह्हह। पुन्नन्नीईत बस करो आआआअह्हह मैं मर जाऊंगी आआ आआअह्हह ।

मैं और भी जोश में आने लगा और उसकी चूत में अपनी जीभ घुसाने लगा। मेरे मन था कि वो भी मेरे लण्ड चूसे पर अभी मैं उसे झिझक के मारे कह नहीं पा रहा था। उसने एक हाथ से मेरा लण्ड ज़ोर से पकड़ा हुआ था और अपनी आंखें बंद करके आआआआअह्हह्ह ऊऊऊओह्हह्ह कर रही थी। उसकी चूत एकदम गीली हो रही थी। मैं समझ गया कि एक बार उसकी चूत पानी छोड़ चुकी है। अब मैं उसे चोदने की तैयारी करने लगा।

मैंने उसकी गाण्ड के नीचे एक तकिया लगा दिया। उसकी चूत अब बहुत उभर गई थी। मैंने उसकी दोनों टांगों को खोल कर बीच में आ गया। अपने लण्ड मैंने जैसे ही उसकी चूत पर रखा तो मुझे लगा कि जैसे मेरे लण्ड में आग लग गई हो। उसकी चूत एकदम गरम हो रही थी। मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में घुसाना शुरू किया तो वो दर्द से तड़प कर एकदम हटकर बैठ गई।

सविता बोली- पुनीत। इतना दर्द मुझसे सहन नहीं होगा। तुम्हारा लण्ड मेरी चूत में नहीं जायेगा। मैं मर जांऊगी। तुम चाहे जो कर लो पर मैं चूत में लौड़ा नहीं लूँगी।

मैं बोला- जान, पहले तो सभी को दर्द होता है पर बाद में खूब मज़ा आता है। जरा सोचो अगर तुम्हारी मम्मी चुदने के लिये मना कर देती तो तुम कहां से पैदा होती।

बात उसकी समझ में आने लगी, वो बोली- ठीक है पुनीत, तुम्हारे लिये मैं यह दर्द सह लूगीं, पर तुम थोड़ा सा तेल अपने लोड़े पर लगा लो।

मैंने कहा- ठीक है।

हमने तेल ढूंढना शुरू किया तो उस कमरे में तैल तो नहीं मिला पर दूध में से मलाई अपने लौड़े और उसकी चूत में लगा दी। अब मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत में डालना शुरू किया। लौड़े का सुपारा उसकी चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई, मैंने अपने हाथों से उसके मुंह को सील कर दिया और धीरे धीरे धक्के मारने लगा।

थोड़ी देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा और उसने अपने चूतड़ उछालने शुरू कर दिये। पूरा कमरे में एक संगीत सा बजने लगा। उसके हाथ लगातर मेरे चूतड़ पर घूम रहे थे और वो कभी कभी अपनी उंगलियाँ मेरी गाण्ड में डालने की कोशिश कर रही थी जिससे मेरा जोश और भी बढ़ जाता था और मैं और ज़ोर से धक्के मारने लगता। मेरे पूरा लण्ड जब तक उसकी चूत में था और मेरे आण्ड उसकी गाण्ड से टकरा रहे थे। लगातार धक्के मारने के वजह से मैं झड़ने वाला था। इसलिये मैंने लण्ड उसकी चूत से निकाल कर पानी उसके पेट पर झड़ा दिया। मैंने देखा उसकी चूत से खून निकला हुआ था। मेरा लण्ड भी लाल हो रहा था।

यह देखते ही सविता बोली- तुमने आज मेरी सील तोड़कर लड़की से औरत बना दिया है। आई लव यू ।

वो मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली- मुझे कभी भूल तो नहीं जाओगे पुनीत।

मैंने कहा- नहीं जान, मैं तो तुम्हारी शादी होने के बाद भी तुम्हें चोदना चहता हूं।

बहुत देर तक ऐसे ही एक दूसरे हो चूमते और सहलाते और बातें करते हुए ही लेटे रहे। फ़िर सविता बोली- चलो, अब ऊपर कमरे में चलते हैं, नहीं तो मम्मी पापा शक करेंगे।

उसे क्या पता था कि उसको चोदने का प्रोग्राम उसकी मम्मी ने ही बनाया है। मैं मन ही मन मौसी को धन्यवाद कर रहा था।

तो दोस्तो, यह थी मेरी दूसरी कहानी। मुझे आपके कई ई-मेल मिले, इसके लिये बहुत बहुत धन्यवाद। अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि मैंने कैसे निशा को चोदा।

मेरी चेत दोसत नैना - Meri Chat Dost Naina

Hello friends, मेरा नाम राहुल है और मेन जैपुर का रहने वला हून। मेन हुमहेसा जब भि फ़री रहता हून देसि सतोरिएस जरूर पदता हून। और सतोरिएस पदने के बाद मुजे लगता है कि मुजसे कोइ लदकि कयु नहि सेक्स करति है मुजे मेन कोइ कमि भि नहि मेन 5'10" समरत हनदसोमे लदका हून और किसि भि लदकि को सेक्स मेन सतिसफ़ी करने मेन एकदम सकसम हून। लेकिन मुजे लगा कि मेरे पास लदकिओ को पताने कि हिम्मत नहि एक दर्र रहता था मुजे कि खै कोइ लदकि मुजे मना ना कर दे वरना मेरा दिल तूत जयेनगा। मेरि उमर 27 साल है एकदम हत्ता कत्ता जवन लदका हून जब मेन 10 साल का था तब से किसि लदकि के साथ सेक्स करने का सपने देखा करता था। मेने भौत सारि सेक्स बूकस पदि और क्सक्सक्स मोविए देकह कर एक हि सपने देखा करता था कि कास ऊस लदकि के साथ मेन सेक्स कर रहा हून। लेकिन सपनो को सुच होने मेन पूरे 14 साल लगे। येअह मेरि फ़िरसत सतोरी है और अब आप के सामने है जलदि और भि सतोरी आप के सामने आने वालि है तो एनजोय करो दोसतो।

मेरि येअह सतोरी एकदम सुचि है जो आप लोगो को एकदम अपने करिब लगेगि। मेन लसत 5 सालो से चतिनग कर रहा हून लेकिन कोइ लदकि मुजसे पतति हि नहि थी सब लदकिओ को सेक्स चत पसनद था जो मुजे एकदम पसनद नहि था तब एकदम चमतकर हुअ एक भौत अस्सहि लदी मेरि दोसत बनि वो अमेरिसा रहति थी और एक इनदिअन थी जिस का नाम नैना था जो देलहि कि रहने वालि थी वो भौत सुनदर और समरत लदी थी वो इतनि सुनदर थी कि जब मेने सम मेन ऊस को फ़िरसत तिमे देखा तो देकहता रह गया और कब मुजे वो पसनद आने लगि मुजे पता तक नहि चला एसे। वो 33 साल कि एकदम बेहद सेक्सी बोदी कि मालकिन थी ऊस के 3 बस्सहे थी लेकिन खै से भि वो 3 बस्सहो कि मा नजर नहि आति थी जब वो सतयलिसत कपदे फन के सम के सामने आति थी तो दिल करता था सम से निकल से चोद दून। लेकिन येअह सब भौत मुसकिल था हुम दोनो को बाते करते हुय 6 मोनथ हो गये फिर एक दिन ऊसने खा कि मेन अपने पति से और बस्सहो से खुश नहि सब तिमे अकेले घर मेन पदति रहति हून मुजे कोइ समजने वला नहि बस तुम मुजे समज सके मेन तुमसे पयर करने लगि हून और सपने देकहति थी कि तुम मुजे खुश कर रहे हो मेने पूचा वो केसे तो वो बोलि कि तुमने मुजे रात सपने मेन खुब चोदा और मुजे एकदम खुश कर दिया। मेरि हिम्मत भद गै एसा सून कर मेने खा मेने तुमहरे साथ सपने मेन कया किया।

तो ऊसने खा कि तुम भौत सेक्सी हो रात मेन सोयि हुइ थी एकदम अकेले अपने निघत गोवन मेन तुम मेरे रूम मेन आये और मेरे पास आके लते गये और मेन भौत घरि निनद मेन थी तुमने मेरे गोवन के अनदर हाथ दाल के मेरे बूबस को मसलने लगे तुमने देखा कि मेरि निनद नहि खुलि तो तुमने मुहा मेन लेके बूबस को चूसने लगे और दबने लगे मेन मधोश होने लगि और मेरि निनद तूत गै तुम एकदम सकपक्का गये लेकिन दरे नहि और बूबस को दबते रहे तुमहे मजा आ रहा था मेने खा हान मुजे बूबस भौत पसनद है और वो भि बदे बदे वेसे तुमहरे कितने बदे है तो वो सरमा के बोलि कि तुम येकिन नहि करोनगे मेने खा बोलो तो तब ऊसने खा 40द मेने खा द का मतलब तो वो बोलि यहा उसा मेन एसे हि सिज़े चलते है लेकिन तुम इतना जान लो येअह भौत बदे होते है बस अनधे को कया चियेअह दो आनखे मेन भौत खुश हो गया मेने खा फिर आगे तो ऊसने खा कि तुम भौत सेतान थी तुमने एकदम से मेरा गोवन पूरा खोल दिया और मेन तुमहरे सामने एकदम ननगि लेति थी तुम भौत गरम हो गये थी और तुमहरि सानसे भौत तेज़ चलने लगि थी मुजे भौत मजा आ रहा था ऊस कि बाते सून कर और सोच भि रहा था कि कास येअह सब सुच मेन हो जाये। फिर ऊसने खा कि तुमने मेरे पूरा बदन पर जबरदसत किस्स करने लगे उप्पेर से लेके निचे तक फिर तुमने बूबस को चोद कर मेरि चुत मेन अपने मुहा को लेके चले गये और अपनि जुबान से ऊस को पयर करने लगे मेन एकदम मधोस होने लगि और गरम होने लगि मुजे फ़िरसत तिमे किसि ने चुत पर जुबन से पयर कया था फिर मेने तुमहरे सारे कपदे निकल दिये और तुम अब मेरे सामने एकदम नकेद खदे थी और मेएन झत से तुमहरे लुनद को अपने हाथ मेन लेके ऊस को अपने हाथ से हिलने लगि फिर कुच देर बाद मुहा मेन दाल के चूसने लगि तुम भौत बेताब होने लगे तो मेने खा मेरे रजा अब तो दिखा दे अपनि रनि के चुत पर अपने लुनद का कमल मेन सोच मेन पद गया जो लदकि इतने दिन तक एकदम चुप सि बाते करति थी आज एकदम बोलद केसे वो भि मेरे सपने देकह कर।

ऊसने खा कि फिर तुम मेरे उप्पेर आगै और अपने 6" लुनद को मेरि चुत मेन रखा और जोर का झतका दिया मेन चिला पदि रहुल धिरे दालो जयेदा बेतबि मत करो किया मेरि चुत फद हिदलोनगे तो तुमने खा हान रनि अपने लुनद का कमला जो दिखना है और तुमने जोर जोर से धके मारने लगे और मेन दरद से चतपते ने लगि लेकिन तुमने जरा भि रहम नहि किया जेसे तुम जनम जनम से पयसे हो और सरा कुवा का पानि एक हि बार मेन पी दलोनगे तुम लगभग 5 मिन तक एसे हि मेरे उप्पेर जम के चुदै कि फिर तुम रूक गये जेसे लगा कि तुमहरा पानि निकलने वला हो मेने पूचा तुम रूके कयु जालिम तो तुमने खा कि अब तुम मेरे उप्पेर आओ और सुच बोलो मुजे उप्पेर चद्द कर करवना भौत पसनद है और मेन फ़ौरन तुमहरे लुनद के उप्पेर बेथ गै और अब मेन रजा बन गै और तुम मेरि रनि अब सब मेरे हाथ मेन था मेने तुमहरि जम के चुदाइ सूरो कर दि 2 मिन हि हुय थी तुम जोर से बोल पदे रजा मेरा पानि आने वला है तो मेने खा मेरे रहुल रनि मेरि चुत मेन हि सब जाने दो और तुमरा गरम गरम पानि मेरि चुत मेन निकल गया लेकिन तुमहरा लुनद अभि तक हरद था और एकदम लोहे कि रोद कि त्रह गरम और हरद मेन लगातर तुमहरिउ चुदाइ करने मेन लगि रहि करिब 5 मिन बाद मेरा पानि भि निकल पदा लेकिन तुम जब तक और होत गये फिर तुमने मुजे दोग्गी बना दिया और मेरे पिचे आके मेरि गानद मेन तुमने धूक मरा और लुनद को गूसने कि कोसिस करने लगे लेकिन तुमहरा लुनद अनदर नहि जा सका तब तुमने मेरि गानद मेन ओइल लगया और फिर एक जोर का जथका मरा तो तुमहरा थोदा लुनद अनदर चला गया मेन भौत जोर से चिलाइ हाह जालिम ने मार दला भौत दरद होने लगा था बलूद तक अगया था लेकिन तुम एकदम जालिम बन गये थी तुमने मुजे चोदना चोदा नहि मेरे दरद कि परवहा तक नहि कि उलता बोला कि येअह दरद तो कुच देर का है मजे तो फिर जनम जनम का है। बस तुम अपने काम मेन लगे रहे कुच देर दरद रहा भि मुजे भौत मजा आने लगा था।

करिब 10 मिन के बाद तुमहरा पूरा पानि मेरि गानद मेन निकल गया और तुम पसीने पसीने हो रहे थी फिर तुम कुच देर मेरे उप्पेर एसे हि लते रहे मुजे सुच भौत अचा लग रहा था ऊस का सपना सून कर और सोच रहा था कि कास येअह सपना सुच हो जाये मेने ऊस से पूचा कि तुम सुच मेन मेरे साथ सेक्स करना पसनद करोनगि तो वो बोलि कि हान जालिम वरना मेन तुमहे अपना येअह सपना कयु सूनति। बस दोसतो यहा से मेरे अस्सहे दिन सूरो हो गये मेने पूचा तुम इनदिअ कब तक आ रहि हो तो वो बोलो मेरे रजा ओने वीक और इनतजार फिर हुम दोनो एक हो जयेनगे हुमहेसा के लिये।

तो दोसतो येअह थी मेरि फ़िरसत दरलिनग नैना कि जुबनि ऊस कि चुदै कि खनि जो अभि तक शिरफ़ सपना है जलदि हि सुच होने वालि है और मेरि किसमत खुलने वालि है। नेक्सत वीक जब नैना आइ तो ऊस के साथ जो कुच भि मेने किया वो नेक्सत कानि मेन तो जयेदा इनतजर नहि करवौनगा जलदि हो वो खनि आप के सामने होनगि। येअह खनि केसि लगि मुजे जरूर बतना मेरि इद है।। anshi_ra27@yahoo.com.

दिल्ही आनती की चुदाई - Dilli Vali Aunty Ki Chudai.

Hi how r u friends ? आज मे आपको जो सतोरी सुनने जा रहा हु वो एक सतोरी रेअदेर और मेरि कहनि हे। पहेले मे आपको मेरा परिचय देदु मे देलहि से हु मेरि हेघत 5।9” इनच।है।

मेरि सतोरी पधकर एक दिन एक एमैल आया जिसमे लिखा था मुजे आपकि कहनि बहुत अच्चहि लगि। मे आपसे सोनतेसत करना चहति हु। और उसने मुने अपना सोनतेसत नुमबेर दिया।मेने उस सोनतेसत नुमबेर पे सोनतेसत किया तो कुछ इस तरह से बत हुयि।

सपरश : हेल्लो
रीदर : हि आप कौन बोल रहे हे।
सपरश : मे सपरश बोल रहा हु कया आपने मुजे एमैल किया
रीदर : ओह येस आप सपरश बोल रहे हे मुजे आपकि सतोरी बहुत अच्चहि लगि।मे आपसे मिलना चहति हु।मे 38 सल कि हु।और मेरा नम वनिता हे।
सपरश : अच्चहा तो मुजे आपका अदरेस्स और तिमे देदो।

बदमे उसने मुजे अपना अदरेस्स दिया वो भि देलहि से हि थि।और मुजे दते और तिमे दिया।

मे उसके बतयि हुयि दते,तिमे और अदरेस्स पर पहुच गया।मेने दोर बेल्ल बजयि तो दरवजा खुला और समने 38 सल कि खुबसुरत आनती खदि थि।उसे मलुम था कि मे आने वला था एस लिये उसने नयि सदि पहनि थि।और मकेउप भि किया था उसके बदन से खुशबु आ रहि थि शयद उसने पेरफ़ुमे लगया था।उसके बूबस बहुत बदे थे।लेकिन तने हुये थे।उसके होथ बहुत गुलबि थे।थोदि देर तो मे उसे देखता हि रह गया।

उसने मुजे अनदर आने को कहा मे उसके घर के अनदर चला गया।अनदर कोइ नहि था।वनिता ने मुजे पनि दिया मेने गलस्स लेते वकत उसकि उनगलि को छु लिया।वो मुसकुरै फ़िर मेरे पस सोफ़े पर बेथ गयि।मेरा लुनद तो पहेले से हि तिघत हो गया था। वनिता ने मुजे कहा मे तो समज रहि थि आप बदि उमर के होगे लेकिन आप तो बहुत हनदसोमे हे।मेने पुछा घर मे कौन कौन रहेता हे।वनिता ने कहा मे और मेरे हुसबुनद वो बहर गये हुये हे।तुम तब तक मेरे सथ जो चहे कर सकते हो। अब मे आपको वो एक दिन मेने उसके सथ कितनि बर और कैसे चुदै कि वो सुनता हु।

मे उसके थोदा करिब गया और उसके हथो को पकद लिया वो चुप चप थि फिर धिरे धिरे मेने उसके हथो को मसलना शुरु किया।फिरे धिरे धिरे उपर बध रहा था उसके पेत पर हथ फिरने लगा और बलौसे के उपर से उसके बूबस पे हथ फ़िरया फिर उसे दबने लगा उसकि सनसे जोर से चल रहि थि और आनखे बनद थि।मेने उसके बलौसे के बोत्तोन खोलना शुरु किया और बलौसे निकल दिया अब मे उसकि बरा के उपर से बूबस मसल रहा था।फिर उसकि सदि निकल दि और उसका पेतिसोत उपर उथके उसकि जनघ पे हथ फ़िरया।फ़िर उसकि पनती के उपर से उसकि योनि पर हथ फ़िरने लगा अब उसके मुह से आवज़ आने लहि अह्हह्हह्हह।उह्हह्हह्हह अब मेने उसका पेतिसोत निकल दिया अब वो सिरफ़ पनती और बरा मे हि थि।

अब उसने मेरा शिरत निकला और मेरि चेसत पर हथ फ़िरने लगि उसने कहा तुमहरि बोदी तो बहुत सत्रोनग हे।फ़िर उसने मेरि पेनत भि उतर दि।मेरा लुनद तो निकर फ़द कर बहर आने कि कोशिस कर रहा था।निकर तेनत कि तरह हो गया था उसने मेरा लुनद निकर मेसे निकला तो उसकि आनखे फ़त गयि पुरा 8” इनच का था शयद एतना बदा लुनद उसने पहेलि बर देखा था।अब वो मेरे लुनद को चुसने लगि।और मेने भि उसकि बरा निकल दि और उसके बदे बदे बूबस चुसने लगा उसकि निप्पले बहुत बहि थि।अब मुजसे रहा नहि जा रहा था मेने उसकि पनती उतर दि और पुरा 8” इनच का लुनद दल दिया वो बोलि धिरे मेरि योनि फ़त जयेदि।उसकि योनि पुरि शवे कि हुयि थि।अब मे पुरे जोश मे आ गया था।उसे जोर जोर से धक्के देने लगा करिब आधे घनते बद वो जुर गयि।अब मेरि सपीद बहुत तेज हो गयि थोदि देर बद मेरे लुनद से भि सफ़ेद दहि निकल गया।

थोदि देर बद जब हुम दोनो शनत हो गये तो मैने उसे कहा हुम जब तक सथ हे हुम कपदे नहि पहनेगे पुरे ननगे हि रहेगे तो वो बोलि जो तुम कहो वैसा हि मे करुगि एक दिन के लिये मे तुमहरि विफ़े हु तुम जो चहे करो।

हुम शम तक एक दुसरे कि बहोमे ननगे सोते रहे और एक दुसरे के बदन से खेलते रहे।करिब 8 बजे वो खदि हुयि और खना बनने चलि गयि।उसकि गनद बहुत बदि थि वो चलते वकत उपर निचे हो रहि थि ।वो बिलकुल ननगि खना बना रहि थि मे ननगा त।व। देख रहा था और उसकि तरफ़ बरि बरि देख रहा था उसकि वहिते कुलहे बहुत खुबसुरत लग रहे थे जैसे हि वो कुच लेने आगे बधति उसके कुलहे और बूबस उपर निचे दोलने लगते थे मेरा तो एकदम फ़िरसे तिघत हो गया मे खदा हुवा और उसके पिचे जकर उसकि गनद मे मेरा लनद रगदने लगा और उसे बहो मे भर लिया

वो मुसकुरने लगि वो रोति बना रहि थि और मे उसके बूबस को पिचे से मसल रहा था कया सोफ़त बूबस थे।फ़िर मैने उसके बूबस पर तेल लगया और उसका मसज करने लगा उसके बूबस चमक रहे थे फ़िर मेने उसकि गनद पे तेल लगया उसकि गनद पे तेल लगता जता था और उसे मसलता जा रहा था फ़िर उसकि पिथ पे, उसकि जनघो पे उसके पुरे बदन पे तेल लगया अब वो भि पुरि कमुक हो गयि थि उसने गस बनद किया और पलतकर मुजे बहो मे ले कर मेरे होथो को चुसने लगि और उसकि जिभ मेरे मुह मे दल दि शयद 10 मिनुत तक हुम एक दुसरे के होथो को चुसते रहे।फ़िर उसने मेरे लुनद पर तेल लगना सुरु किया।उसने मेरे पुरे बदन पर तेल लगने लगि और मसज करने लगि हुम दोनो का बदन पुरा चिकना हो गया था अब मेने उसको अपनि बहो मे भर लिया।

अब मेने वनिता को अपनि बहो मे उथकर बथरूम मे ले गया।मेरा लुनद तो पुरा तना हुवा था वनिता बोलि एसको अभि तो खना खिलया था फ़िरसे बुखा हो गया मेने कहा एसकि बुख तो एक दिन के बद हि मितेगि अब वो मेरि गोदि मे बेथ गयि मे उसके बूबस पर पिचेसे सबुन लगा रहथा और मेरा लुनद उसकि गनद के चेद को छु रहा था

अब वो खदि हो गयि और उसने मेने लुनद को हथ मे लिया और उसका सुपरा बहर निकला और उसपे सबुन लगने लगि और उसको आगे पिछे करने लगि तब मे उसकि गोरे गोरे बूबस पर सबुन लगा रहा था और उसे मसल रहा था अब मेने उसकि निप्पले को अपने मुह मे लेकर चुसने लगा उसके मुह से आवज़ निकल गयि उह्हह्हह्हह्हह्ह अह्हह्हह्हह्हह्हह चुसो मेरे रजा पुरा चुसलो मे उसकि निप्पले पे अपनि जिभ रगद रहा था अब उसने मेरे पुरे बदन पर सबुन लगया मेने भि उसके पुरे बदन पर सबुन लगया और गुच्चहे से रगदा तकि जग जयदा हो

अब मेने उसको बथरूम मे लेता दिया बथरूम कफ़ि बदा था और मेरा लुनद उसके बूबस पे रगद ने लगा वो आवज़ निकल रहि थि उईईईमा अब मुजसे नहि रहा जता दल दे पुरा लुनद मेरि योनि मे मेने अपना पुरा लुनद उसकि योनि पे रख दिया सबुन लगा हुवा था एस लिये फ़त से अनदर चला गया सबुन लगकर चुदै करने का मजा हि कुच और होता हे।मे उसको धक्के दे रहा था और वनिता आनखे बद करके पुरा मजा ले रहि थि करिब एक खनते तक चुदै चलति रहि।फ़िर वो बोलि बहुत मज़ा आया और उसने मेरा गल पर चुम्मि देदि।

रत का दिन्नेर भि हुम दोनो ने ननगे हि किया वो मेरि गोदि मे ननगि बैथि थि और मे भि ननगा दिनिनग तबले पे बैथा था हुम दोनो एक दुसरे को खिला रहे थे मेरा लुनद अब धिला था उसने दो बर जो मजा लिया था खना खने के बद उसने बरतन भि ननगे हो कर धोये मे ये सब देख रहा था अब मेरा लुनद धिरे धिरे फ़िर तिघत हो रहा था उसने बरतन धो कर मेरे पस बेद पर आयि और लेत गयि और तव देखने लगि।

अचनक वो खदि हुयि और एक सुपबोअरद मे से सद निकलि और सद पलयेर मे दल दि वो नकेद पिसतुरे कि सद थि अब हुम वैसा हि करने लगे जैसे उस बलुए फ़िलम मे आ रहा था मेने वनिता कि योनि मे उनगलि दलि और अनदर बहर करने लगा और सथ सथ उसको चत भि रहा था वनिता को बहुत मजा आ रहा था अब उसने मेरे लुनद को मुह मे ले लिया और तव मे आ रहा था वैसे उसे अपना थुक मेरे लुनद पे लगया और अनदर बहर करने लगि। फ़िर मे सिधा सो गया और वो मेरे उपर घुतनो के बल चद गयि और मेरा लुनद उसकि योनि मे दल दिया और उपर निचे होने लगि मुजे बहुत अच्चहा लग रहा था मे उसके बूबस दबा रहा था करिब 15 मिनुत तक ऐसे हि चलता रहा फ़िर वो कुतिअ कि तरह हो गयि और मे पिचे से उसकि चुदै करने लगा पहेले मेने उसकि योनि मे लुनद दला और बदमे उसकि अनल (गनद) मे दल दिया वो चिल्लै उईईमा मेरि फ़त गयि अह्हह्हह्हह।।।। उह्हह्हह्हह्ह।।।। जैसे पिसतुरे मे अवज़ आ रहि थि वैसे हि अवज़ निकल रहि थि।

अब मे जोर जोर से चुदै करने लगा वो और मज़े मे आ रहि थि करिब एक घनते बद हुम दोनो का एनद पोइनत आ गया फ़िर हुम दोनो ननगे हि एक दुसरे को बहो मे लेकर सो गये।

दुसरे दिन हुम करिब 10 बजे उथे दोनो ने एक सथ सनन किया और वो ननगि हि बरेअकफ़सत लने चलि गयि उसने कहा आज करिब 3 बजे मेरा हुसबनद आ जयेगा तुम 12 बजे चले जना मेने कहा थिक हे बरेअकफ़सत मे बरेअद और मखन था अब वो मेरि गोदि मे आकर बेथ गयि मेने कनिफ़े मे मखन लिया और उसके बूबस पे लगने लगा फ़िर उसकि निप्पले पे लगया अब वो फ़िर गयि और मेरि गोदि मे मेरे समने मुह रखकर बैथ गयि मेने उसकि निप्पले से और बूबस से मखन चुसना सुरु किया वो पुरि मधोश हो रहि थि

फ़िर उसने भि मेरि चेसत पे मखन लगया मेरि निप्पले पे मखन लगया और चुसने लगि अब उसने मेरे लुनद पे मखन लगकर पुरा लुनद अपने मुह मे दल दिया और चुसने लगि मेने उसकि योनि को चतने लगा अब उसकि योनि पुरि मुलयम हो गयि थि उसने बैथे बैथे हि मेरा लुनद उसकि योनि मे दल दिया मखन लगने से उसकि योनि चिकनि हो गयि थि मेरा लुनद तुरनत अनदर घुस गया अब वो धक्के देने लगि अब मे उसके होथो को चुसने लगा उसने मेरे लुनद का सुपरा मुह मे दल दिया फ़िर मैने केला लिया और उसकि योनि पे रगदने लगा फ़िर केले को उसके मुह पे रखा तो वो केले को चुसने लगि उपर से निचे कि तरफ़ पुरे केले को चुसने लगि केला कफ़ि बदा था करिब 9इनच का फ़िर मेने केले को सोनदोम पहेनया और उसकि योनि मे दल दिया उसके मुह से अवज़ निकल गयि उईईईईईएमा।।। और आनखे फ़त गयि फ़िर मे केले को अनदर बहर करने लगा फ़िर उसने कहा एसमे मजा नहि आता मुजे तो तुमहरा केला पसनद हे फ़िर मेने अपना लुनद उसकि योनि मे पुरा दल दिया और अनदर बहर करने लगा करिब एक खनते बद वो जुर गयि फ़िर मेने लुनद निकल कर उसके मुह मे दल दिया वो मेरे लुनद को चुसने लगि पुरा लुनद मुह मे दल दिया और अनदर बहर करने लगि थोदि देर बद मेरे सफ़ेद दुध निकल गया सरा दहि वो पि गयि।

फ़िर हुम दोनो ने कपदे पहन लिये और उसने मुजसे कहा तुमने मुजे सवरग के दरशन करा दिये थे मुजे ऐसा मज़ा पहले कभि नहि आया अब हुम कभि एक दुसरे को सोनतेसत करने कि भि कोशिस नहि करेगे हुमदोनो एक दुसरे को भुल जयेगे मेने कहा थिक हे मे तुमहे कभि सोनतेसत नहि करुगा फ़िर जोर से मेरे गले लग गयि और हुमदोनो ने लिप किस्स किया एक दुसरे के लिपस को मुह मे लिया और जिभ को चतने लगे

फ़िर मे वहा से चला गया फ़िर कभि मेने उसे सोनतेसत करने कि कोशिश भि नहि कि उसका मोबिले नो।भि मेरे मोबिले से देलेत कर दिया

देअर रेअदेरस आपको कहनि कैसि लगि अगर कोइ भभि,अनती,मतुरे वोमन,गिरल मुजसे चुदै करवना चहति हो तो मुजे sparsh_kapoor2000@yahoo.com एमैल अदरेस्स पर समपरक कर

 

कमल ने अपनी मम्मी को चोदा - Kamal Ne Apni Mummy Ko Choda.

सभी पाठकों को मेरा प्रेम भरा नमस्कार। मैं इस साईट की कहानी को पढने वाला नियमित पाठक हूं। कमल ने इस साईट के बहुत सारी कहानियों को पढा है। मुझे सारी कहानियां बहुत ही अच्छी लगती है। उन्हीं कहानियों से प्रभावित होकर मैं आज आपके लिये एक कहानी लिखाने जा रहा हूं। लेकिन इससे पहले कि मैं ये कहानी शुरू करु मैं आपका परिचय उन दोनो लोगो से करा दूं जिसके बारे में लिखाने जा रहा हूं। मैं एक साधारण फ़ेमिली का लड़का हूं। मेरे परिवार में मेरे और मेरे मम्मी और मेरे डैडी के अलावा और कोई नहीं है। मेरे डैडी हम दोनो से दूंर रहते है। घर में मैं और मेरी मम्मी दो लोग ही रहते है। मेरी मम्मी जिनकी उमर अब चालीस साल की है एक बेहद ही खूबसूरत और काफ़ी आकर्षक महिला है।

उनका रंग गोरा और चेहरा इतना सुन्दर है कि जो भी उनको देखता है बस देखता ही रह जाता है। दूंसरी तरफ़ मेरे दूर के एक रिश्तेदार है जो कि विदेश में रहते है वो कभी कभी घर आते है। अब मैं आपको उस दिन की कहानी को बताने जा रहा हूं। मैं उन दिनो मम्मी के साथ एक छोटे से शहर में रहता था। उन दिनो हमे पैसे की थोड़ी सी परेशानी रहती थी। एक दिन जब मैं पढने के लिये क्लास में गया तो टीचर ने मुझे फ़ीस लाने के लिये बोला। घर में आया तो कमल ने मम्मी से फ़ीस के बारे में बोला तो मम्मी बोली कि अभी थोड़े दिन के बाद ही पैसे की व्यवस्था हो पायेगी। उस दिन कमल आये हुये थे। वो हमारी बारे सुन रहे थे। रात में जब खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में गया तो अपने बगल वाले रूम में कुछ बातें होते हुये सुना। मैं समझ गया कि वो अवाज मेरी मम्मी और कमल की है। कमल ने ध्यान से सुना तो पाया कि कमल मम्मी से कह रहे थे कि अगर तुम्हें पैसा चाहिये तो गेस्ट रूम में निर्वस्त्र हो के आ जाओ। इतना कहने के बाद कमल अब मम्मी के कमरे से निकाल के गेस्ट रूम में चले गये।

उनके जाने के बाद कमल ने मम्मी को अपने सारी कपड़े उतारते हुये देखा तो समझ गया कि आज कि रात मम्मी उनके साथ बितायेंगी। मम्मी अपने सारी कपड़े उतरने के बाद गेस्ट रूम में चली गई। जब मम्मी गेस्ट रूम में गई उस समय कमल बाथ रूम में गये हुये थे। मम्मी रूम में जाकर खड़ी हो गई। तभी कमल बाथ रूम से निकाले। उस समय वो भी पूरी तरह से निर्वस्त्र थे। जब कमल ने उनके लण्ड को देखा तो उसकी लम्बाई को देख के मैं समझ गया कि उसकी लम्बाई साढे सात से आठ इन्च की होगी। कमल का लण्ड पूरी तरह से तना हुआ था। कमल मम्मी के पीछे आकर खड़े हो गये। मम्मी के पास खड़े होने के बाद कमल ने मम्मी की गाण्ड पर एक हाथ को रखते हुये सहलाया। इसके बाद वो मम्मी के गाण्ड से अपने लण्ड को सटा दिया और एक जोर से झटका मारा तो मम्मी के मुह से जोर से आवाज निकाली जो कि मेरे कान तक पहुंचने के लिये काफ़ी थी। कमल ने एक हाथ से मम्मी के कमर को पकड़ लिया और अपने कमर को हिलाने लगे। अब कमल ने अपने कमर को हिलाते हुये मम्मी से पूछा कि सेक्स किये हुये कितने दिन हुये तो मम्मी ने कराहते हुये बताया कि तीन साल। इतना सुन के कमल ने एक जोर का झटका मारा तो मम्मी जैसे उछल पड़ी। मम्मी ने कमल से कराहते हुये धीरे धीरे झटके मारने के लिये बोला। लेकिन उनके इस बात का कमल पर कोई भी असर नहीं पढा और वो मम्मी को वैसे ही पेलते रहे। वैसे तो वो अपने कमर को जोर जोर से ही हिला रहे थे। लेकिन जब अपने कमर को थोड़ा और तेजी से झटका लगते तो मम्मी की हालत देखते ही बनती थी।

कुछ देर के बाद कमल ने मम्मी को ड्रेसिन्ग टेबल के सामने खड़ा कर दिया और मम्मी की चूत को देख देख के पेलने लगे। मम्मी की चूत पर अपने हाथ रखने के बाद वो मम्मी को वैसे ही झटके लगाते रहे और मम्मी के गाण्ड में अपने पूरे लण्ड को घुसा दिया। अब उनका पूरा लण्ड मम्मी के गाण्ड में चला गया था। कुछ देर तक उसी तरह से झटका लगने के बाद कमल ने देखा कि उनके कमर की स्पीड बढने लगी तो मैं समझ गया कि उनका सब अब अन्तिम पोजिशन पर था। मेरा सोचना बिलकुल ही सही था। क्योंकि कुछ देर के बाद कमल मम्मी के कन्धे पर अपने सर रख के शान्त पड़ गये। कुछ देर तक वैसे खड़े रहने के बाद कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के गाण्ड से निकाल दिया। अब मम्मी बथरूम में चली गई। कमल भी उनके पीछे चले गये। कुछ देर के बाद जब दोनो बाहर निकले तो कमल ने देखा कि मम्मी ने कमल के लण्ड को अपने एक हाथ से पकड़ रखा था। रूम में आने के बाद कमल ने देखा कि कमल बेड पर बैठ गये। अब मम्मी को इशारे से लण्ड को चाटने के लिये बोले। मम्मी फ़र्श पर बैठ गई और कमल के लण्ड को अपने मुह में लेके चाटने लगी। कमल मम्मी के चूंची को अपने हाथ में ले के धीरे धीरे दबाने लगे। लगभग पांच मिनट के बाद जब कमल पूरी तरह से गरम हो गये तो मम्मी को लण्ड को छोड़ने के लिये बोला। मम्मी ने जब लण्ड को मुह से निकाला तो कमल ने देखा कि कमल का लण्ड पूरी तरह से तन चुका था। अब कमल का लण्ड मम्मी की चूत में जाने के लिये पूरी तरह से तैयार हो चुका था। अब कमल ने मम्मी को बेड पर लेटने के लिये बोला। मम्मी बिस्तर पर लेट गई।

कमल ने मम्मी के चूत के बालो को सहलाना शुरू किया। मम्मी ने अपने अखे बंद कर लिया और जोर जोर से सासे खींचने लगी। इसके बाद कमल ने मम्मी के चूत को अपने दोनो हाथो से फ़ैलाया और बोले ये तो बहुत ही सख्त है। जैसे कि अभी तो बिलकुल ही कुवारीहै। अब वो पास के अलमारे से सरसो के तेल के दीबे को लेकर पास के टेबल पर रख दिया। अब कमल ने मम्मी के चूत पर तेल लगाने लगे। मम्मी के चूत पर तेल लगने के बाद अपने लण्ड पर तेल लगया। इसके बाद कमल मम्मी के जांघ पर बैठ गये। अब उनके लिये बर्दाश्त करना जैसे मुश्किल हो रहा था। कमल ने अपने लण्ड को एक हाथ से पकड़ के मम्मी के चूत पर सटाया और दूसरे हाथ से मम्मी के चूत को फ़ैलाया। कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के चूत के होल पे रख के अपने कमर को हलका सा आगे के तरफ़ पुश किया तो मम्मी के मुह से हल्की सी सिसकी निकिली। मैं समझा कि मम्मी के चूत में उनका लण्ड का लाल टोपा भीतर चला गया होगा। लेकिन ऐसा नहीं था। मम्मी कि चूत कमल के लण्ड के लिये छोटी थी। अब कमल ने मम्मी के दोनो पैरो को फ़ोल्ड कर के फ़ैला दिया और दोनो पैरो के बीच में आ गये। अब मम्मी के चूत पर अपने लण्ड को सटा के रगड़ने लगे। दो मिनट तक ऐसा करने से मम्मी धीरे धीरे गरम होने लगी और तेज सांसे लेने लगी। कुछ देर के बद मम्मी ने अपने चूत को अपने दोनो हाथो से फ़ैला दिया और राज को लण्ड को घुसने के लिये बोली। कमल ने अपने लण्ड को मम्मी के चूत के छेद पर रख के जोर से झटका मारा तो मम्मी अपने जगह से दो इन्च ऊपर घसक गई। कमल ने ध्यान से देखा तो पाया कि कमल का लण्ड मम्मी में चला गया था। अब कमल अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगे और मम्मी उनके हर झटके के साथ हिलाने लगी।

अब कमल मम्मी के ऊपर लेट गया और दोनों एक दूसरे को अपने बांहों में कस लिया। कमल ने मम्मी के गाल पर एक पप्पी ली और एक जोर का झटका मारा तो मम्मी कराह उठी।

कमल ने पूछा- दर्द कर रहा है?

तो मम्मी ने कराहते हुये जवाब दिया - हां आआऔऊऊऊऊऊ आह्हह्हह्हह

अब कमल ने मम्मी की दोनों कलाईयों को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा तो मम्मी तो जैसे पूरी तरह से कांप गई। अब कमल मम्मी के चूचियों को मुँह से पकड़ के धीरे धीरे पीने लगा और अपने कमर को धीरे धीरे हिलाने लगा। मम्मी अब पूरी मस्ती के साथ आहे भरने लगी। अब कमल ने देखा कि कमल अपने डण्डे को मम्मी के अन्दर ले जाने के लिये जोर जोर से दो तीन झटके मारे तो मम्मी पूरी तरह से कांपते हुये आआआआआऔऊऊऊऊऊऊऊउ आआआआआआह्हह्हह्ह उआआआआआआआ आआआआऐईईईईईइ औआआआ नह्हह्हीई आआआआजज्जजु फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ आआआआऔऊऊऊऊऊऊउ आआआआआआह्हह्हह्ह उआआआआआआआ आआआआऐईईईईईइ औआआआआआआआ नह्हह्हीई आआआआज्ज्जज्ज ज्जज्ज फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फ़फ़्फ़फ़ की आवाज निकाल रही थी और उधर कमल अपने कमर को जोर जोर से हिला रहे थे।

तभी मम्मी ने बोला थोड़ा धीरे धीरे अन्दर डालिये आआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह ऊह्हहह्हह्ह ह्हहह्हह्ह आआअह्हह्हह्हह्हह्ह। अब कमल ने मम्मी को बोला कि अभी तो आधा ही अन्दर गया है। आज तो कुंवारापन को खत्म करना है। पिछले दो साल से तो कुंवारी रही है ये चूत। ये कहते हुये कमल ने जोर जोर से तीन चार झटके लगाये तो मम्मी आआआआऔऊऊऊऊऊऊऊउ आआआआआआह्हह्हह्ह उआआआआ आआआआऐईईईईईइ औआआआआआआआ नह्हह्हीई आआआआआज्जज्जज्जजफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ आआआऔऊऊऊऊऊउ आआह्हह्हह्ह उआआआआआ आआआआऐईईईईईइ औआआआआ नह्हह्हीई आआआआज्जज्जज्जज्जज्ज जुफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ फ़्फ़फ़्फ़फ़ की आवाज के साथ जैसे धीमी आवाज में चीख पड़ी। कमल ने अपने लण्ड को थोड़ा बाहर निकाल दिया और मम्मी के दोनो चूंचीयों को फ़िर से मसलना शुरू कर दिया कुछ देर के बाद कमल ने अपने कमर को जोर जोर से हिलाना शुरू कर दिया और मम्मी के आआआआआआ आआआआअह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह्हह्हह के आवाज आने लगी। जब कमल ने देखा कि अब रुकना नहीं है तो अपने होठों को मम्मी के होठो को कस लिया और जोर जोर से झटके मारने लगा।

तब मम्मी अपने होठों को अजाद करते हुये पूछा कि अब और कितना बाहर है राजा। कमल ने बोला कि थोड़ा है डाल दूं पूरा तो मम्मी ने हामी में अपने सर को हिलाया। कमल ने अपने कमर को जोर के झटके के साथ अपने लण्ड को पूरा अन्दर कर दिया। कुछ देर तक जोर के झटके मारने के बाद कमल ने जब फ़ील किया कि मेरा सपुरम उसके चूत में जाने वाला है तो कमल ने एक तरफ़ से मम्मी के चूंचीयों को जोर से मसलना शुरू किया तो दूंसारी तरफ़ मम्मी के होठों को चूसना शुरू किया। अब वो भी कमल के सुर के साथ अपना ताल मिलाने लगी थी। कमल ने पूछा मजा आ रहा है तो मम्मी ने सर हां में हिलाया। कुछ देर के बाद कमल का सपुरम मम्मी के चूत को गीला करने लगा तो मम्मी इ लोवीईईईईए ऊऊऊऊऊ ऊऊऊउ आआआह्हहह्हह्हह ईईईईईलूऊऊऊव्वी ईईईईई ऊऊऊउ कर के अपने दोनो हाथो को कमल के पीठ पर रगड़ते हुए पूरी तरह से कमल के अगोश में आ गई।

कुछ देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद कमल ने उठ के अपने लण्ड को निकाला उसमे खून लगा हुआ था। कमल ने मम्मी कि चूत को देखा तो वो काफ़ी फ़ूल चुकि थी। मम्मी चुपचाप कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही और तब उठ के अपने कपड़े को पहन के बाथ रूम में गई वहां पेशाब करने के बाद वो जब बाहर आई तो मुसकुराते हुए कमल के तरफ़ देखती रही।

सासू माँ - Sasu Maa

हाय मेरे दोस्तों मैं हैदराबाद से हूं और मेरा नाम राजन है। मैं अपनी सासू मां के साथ बीता एक सेक्स का सच्चा हादसा आपके साथ बांटना चाहता हूं। मेरी शादी एक वर्ष पहले ही हुयी थी। मैं एक उनतीस वर्ष का सुन्दर और सेक्सी लड़का हू। मेरी शादी एक सत्तरह वर्षीय लड़की के साथ हुयी है और वो बहुत ही खूबसूरत है। उसकी मां भी उतनी ही सुन्दर व सेक्सी है। उस समय मेरी सासू मां की उम्र पैंतीस वर्ष की थी और उनका भी विवाह मात्र सोलह साल की उम्र मे ही हो गया था। उन्हे कोई नहीं कह सकता था कि वे पैंतीस साल की है, वे तो देखने मे चौबीस-पच्चीस साल की लगती थी। वो एक विधवा थी, उनके पति दो वर्ष पूर्व ही चल बसे थे। तीन जुलाई 2005 को मैं और ,मेरी पत्नी मेरे ससुराल को गये। वहां पर मेरी सास हमारा इन्तज़ार कर रही थी। उन्हें देख कर मैं बहुत खुश हुआ। मैने कहा 'कैसे है सासू मां।' वो बोली 'ठीक हूं बेटा।' मैने मुस्करा कर कहा- 'आपकी उम्र और मेरी उम्र मे कोई ज्यादा फ़र्क नहीं है।' सास ने जवाब दिया - तो क्या हुआ रिश्ते में तो तुम मेरे दामाद लगते हो'। मैने कहा - 'हा दुर्भाग्य से मुझे पैदा होने मे थोड़ी देर हो गयी वर्ना मै तो आपसे ही शादी करता" ये सुनते ही वो शर्मायी और कहने लगी - ठीक है बातें तो होती ही रहेगी, तुम लोग जरा फ़्रेश हो जाओ' हम लोग वहां से बाथ रूम फ़्रेश होने के लिये चले गये। फिर सबने साथ में डिनर लिया। फिर मैं और मेरी पत्नी बेड रूम मे चले आये। बेड रूम मे एक खिड़की भी थी जो मेरी सासू मां के कमरे मे खुलती थी। थोड़ी देर मैनें और मेरी पत्नी ने आराम किया। रात करीब एक बजे मेरी नींद खुल गयी और मैं अपनी पत्नी के कपड़े उतारने लगा। मेरी पत्नी जाग गयी और कहने लगी 'आज नही, मुझे नींद आ रही है' मैने कहा -' तुम सो जाओ और मुझे अपना काम करने दो' फिर मैने उसके सारे कपड़े उतार दिये। वो मुझे बार बार रोक रही थी। इस तरह हमारी तकरार से सासू मां भी जाग गयी। उन्होने धीरे से हमारी खिड़की खोली और अन्दर हमें देखने लगी। मैने अपना काम जारी रखा और और अपनी पत्नी को चूमने लगा। पहले उसके नाजुक होंठ पर किस किया, फिर उसके मादक चूचियों पर और फिर उसकी रस भरी चूत पर्। इतने भर से मेरी पत्नी अब मूड मे आ चुकी थी और फिर उसने मेरे ऊपर के सारे कपड़े उतार दिये। हम दोनो एक दूसरे के जिस्म पर चूमा चाटी करते रहे और फिर मैने अपना पेण्ट खोला और अपना आठ इंच से भी लम्बा लन्ड निकाला। ये सब मेरी सासू मां देख रही थी। मैने खिड़की पर चुपके से देखा वो वहीं पर खड़ी थी। मुझे देख कर वो थोड़ा सा पीछे हट गयी। मैने लण्ड को पत्नी की चूत मे धकेल दिया और फिर जोरदार धक्के मारने आरम्भ कर दिये। मेरी पत्नी भी बहुत आनन्दित होने लगी थी। वो आआह्हह्ह, ऊओह्हह, ऊम्मम की आवाजे निकाल रही थी। कुछ देर बाद मैने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया। वो सफ़ेद वीर्य से भरा हुआ था। मेरी पत्नी ने जल्दी से मेरा लण्ड अपने मुख में ले लिया और मस्त हो कर उसे चूसने लगी। ये सब देख कर मेरी सासू मां के मुख से सीत्कार सी आवाज निकल गयी। मैने उनकी आवाज को सुन लिया था। वो बहुत बेचैन हो गयी थी। मैने और मेरी पत्नी ने कुछ देर बाद कपड़े पहन लिये थे। कुछ देर बाद मेरी पत्नी सो चुकी थी। मैं अपनी पेण्ट पहन कर कमरे से बाहर निकला और बालकॉनी में आ कर खड़ा हो गया। मैने कमीज नहीं पहन रखी थी और अपनी ही धुन मे गुनगुना रहा था। अचानक मुझे पीछे से किसी ने पकड़ लिया। इसके पहले कि मैं पलटता वो मुझसे लिपट गयी। मैने समझा कि मेरी पत्नी है। लेकिन कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था। उसके जिस्म से बहुत मधुर सी सुगन्ध आ रही थी जो मैने अपनी पत्नी के जिस्म से कभी महसूस नहीं की थी। मैं परेशान था कि कौन है जो मुझसे आकर ऐसी लिपट गयी है। मैं पलट कर उसका चेहरा नहीं देख सकता था। फिर उसके कांपते हाथ मेरी पेण्ट की जिप की तरफ़ बढे और मेरे लण्ड को पकड़ कर जोर जोर से सिसकते हुये दबाने लगी। मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। पर मुझे अभी तक पता नहीं था कि ये कौन है। मैने उसके हाथ को अपने लण्ड से हटाया तो देख कर दंग रह गया और मेरी आंखे खुली की खुली रह गयी। वो और कोई नहीं मेरी सासू मां थी। मुझे देख कर वो कहने लगी 'तुम्ही ने तो कहा था कि हमारी उम्र में कोई फ़र्क नहीं है और अगर तुम जल्दी पैदा हो जाते तो मुझसे ही शादी करते। अब समझ लो ना तुम जल्दी पैदा हो गये हो' इसके पहले मैं कुछ कह सकूं सासू मां के मुख से फिर आवाज निकली 'देखो मैं एक जवान विधवा हूं, मैं अपने पति के बिना रह रही हूं, जो कि बहुत मुश्किल काम है। तुम मेरी इस मुश्किल को दूर कर सकते हो, मेरी इस बेचैनी को कम कर सकते हो। मेरी जिंदंगी रंगीन बना सकते हो' ये कहते हुये वो मुझे बेताहाशा चूमने लगी और मेरे हाथो को अपने कसे हुये उभारो पर यानि चूंचियों पर रख दिया। सासू मां का सीना दबते ही उनके मुख से एक मद भरी सिसकारी निकल पड़ी। इसके बाद क्या हुआ वो बहुत उत्तेजक और दिलकश है। लेकिन आपको कुछ और इन्तज़ार करना होगा।

कैसा यह प्यार है? Kaisa Yah Pyar Hai

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मामा ने धूनधा तिल - Mama Ne Dhunda Til

हि! मैन हून आशी फिर से। अपको कैसा लगरहा है।मुझे तो मजा आ रजा है।अपको आ रहा है।।।जरूर आ रझा होगा।आप को शयद यकिन नहि होगा कि घर मैन आज कोइ नहि।इसलिय येह वलि कहनि मैन बिलकुल ननगि हो कर लिखहोमनगि।और भिच भिच मैन अपनि चुत और चुत्तद मैन पेनसिल को दलकर सेक्स करूनगि। किया करून शदि नहि हुइ इसलिय।अभि तो पेनसिल से हि कम चलमना पदेगा। चलो अगे बदते है। तप परेसिदेनत के यहन से अने के बाद मैन अते हि सो गयि किया करून बहुत थक जो गयि थि।।इतनि बार चुदि थि कि।मेरि चुत और चुत्तद दोनो मैन बहुत दरद हो रहा था। फिर मैन अगले दिन उत्तहि और नशता करने के लिये गयि।अबकि बर मैने एक चोति से नेक्कर पेहन रखि थि।।।और उसके उप्पेर तिघत तोप।।

मैन उनसले को अपनि चुत्तद देखति हुइ बैथ गयि।मैन साअफ़ देख रहि थि कि उनसले का लनद खदा हो चुका है। हुम लोग उस दिन सोफ़े पर नशता कर रहे थे ।फिर रज ने कहा "कि वोह आज देलहि से बहर जा रहा है कल आयेगा।"औत फिर वोह चला गया।।उनसले वहिन पर बैतयहे हुए थे। और चोरि चोरि कभि मेरि तरफ़ तो कभि मेरि मूमो कि तरफ़ देख रहे थे।।।जो कि त शिरत मैन उभेर रहे थे।मैने मन हि मन सोचा कि चलो ना कयोन थोदे से मजे हि ले लिये जये।उस वकत उनसले ने एक सिमपले पयजमा हि पेहन रखा था।।मैने चुपके से अपनि नेकार कि ज़िप खोल लि।।।और धिरे धिरे अपनि तनगे उप्पेर कि और तबले पर इस तरझ से रख लि कि मेरि चुत हलकि से धिकनि लगे और मैन चेरे पर अखबार ला कर पधने कि असतिनग करने लगि।मैनचुपके ए देखने लगि उनसले मेरि चुत कि तरफ़ देख कर अपना लनद मसल रहे थे।फिर थोदि हि देर मैन उनका पयजमा गिला सा हो गया ।और लनद निचे बैथ गया मैन समजह गयि कि उनहूने सुम चोद दिया था।। मैन उनसले से पूचा "उनसले किया हुअ ।अपके पयजमा एक दम से उप्पेर था फिर गिला हुअ और फिएर निचे ऐथ गया" उनसले हसने लगे और बोले"अरे येह नतुरल है।।फिर एक दम से हि अपने लनद को बहर निकला जो गिला था।और कहा ये बेव्वाकुफ़ किया करे बद बर तुमहे देख कर कहा होता है।और पनि चोद कर बैथ जता अहि।तो मैने कहा अब किया होगा तो उनहोने कहा ।कुच नहि ।।।इसका इलज़ है।लेकिन अभि नहि रात को ।

"फिर वोह उथे और मेरि चुत्तद को दबा कर ओफ़्फ़िसे जने के लिये चले गये मैन समझ गयि किकि उनसले अज मेरि चुदै करने के मूद मैन है।मैन कहा"यार तो फिर कियोन अ अभि से तैयारि कर लि जये।"। फिर मैन बजर गयि और वहन से एक निघनत सुइत ले कर आ गयि।विथ बिकनि & बरा। तिनो हि त्रनसपरेत थे। निघत सिथ मेरि घूतनि तक था।और बरा को मैने सचि से कात कर इतना सा कर लिया कि वोह मेरे मूमोन को हलका सा हि धक अपये और बिकनि को मैने चूतद कि तरफ़ से कात कर एक धगा सा बना दिया को बस मेरा चेद चुप जये।लेकिन मैन चुत कि तरफ़ से खुच नहि किया। फिर रात को कने पर मैन जब पहुचि तो उनसले मुझे देखते हि रहे गये।।।मैन पूचा "कैसे लग रहि हून " तो उनसले ने कहा"बहुत हि ननगे लग रहि हून इतने कम कपदे अगर पेहन हि नहि रखे होते तो और भि अस्सहि लगति , अशि तुम इतने कम कपदे कियोन पेहनति होन तो अमिन कहा पता नहि उनसले जब मरद मेरि चुत और चुत्तद को मेरे मूमोन के घूरते है तो मुझे बहुत मजा आता अहि।" फिर हुम लोग खना कर ने लगे।।। फिर उनसले बोले "अशि तुमहे याद है कि जब तुम चोति थि तब तुम कैसे मेरि गोद मैन बैथ कर कहना खति थि आज भि वैसे हि कहि ना" मैन कहा अभि लो ऐउर फिर मैन उनके गोद मैन जा बैथ गै इस त्रह से कि मेरि चुत्तद का चेद उनके लनद के थिक उप्पेर आ जये मैन फ़ील कर सकथि कि मेरेव बैथे हि कैस औसका सिज़े बधने लगा ।।। फिर थोदि एर बाद उनसले ने जनभोज कर मेरे उप्पेर दल गिरा दि।।उर कहा "अरे सोर्री ।लओ मैन साफ़ कर दोन" फिर मेरे मूमोम के उप्पेर से मरे मूमोन को दबा दबा कर साफ़ करने लगे ।।।।

फिर मैने कहा अरे यह तो अभि बहि गनदि है इसे उत्तर देति हून फिर मावँ अपना निघत सुइत उतार दिया और मेर गोरा बदा सफ़ दिखने लगा।।।। तभि उनसले कहदे हुए और बोले "अशि एअह दे कनधे पर एक तिल है मुझे ओपका याद है ।अरे हान एक तिल तो शयद तुमहरि मूमोन पर भि तो था।तभि तो देखि कितने बदे है।।।।जयोथशि कहते है जिस लदकि के मूमे ओपर तिल हओता है।।उसक्के मूमे रओ पिने चैये , दबने चैये चूसने सहिये।।मैने कहा सोर्री उनसले उनसले मेरे मूमोन पर तो कोइ तिल नहि है।।।।उनहूने कहा ऐसा होइ हिन नहि सकता ,फिर मेरे पास अये और मेरि बरा फद कर फ़ैनक दि और मेरे मूमन को दबा कर देखने लगे और चुपके से पेन से एक तिल का निशन लगा दिया।बोले मैने खा था ।।। फिर यह बोल कर वोह मेरे मूमोन को चूसने लगे उनहे दबने लगे।।।।।फिर कहदे हुए और बोले।।।वैसे झन्न तक मुजे यद एक तिल तुमहरि चुत पर भि है।मैन कहा नहि है ।उनहोने कहा देखओ। फिए उनहूने मुझे तबले पर लिता दिया और मेरि तनगने निचे कर दि जिस से मेरि चुत उपेर उथ गयि।।फिर मैरि पनती भि फद कर फ़ैनक दि।।।।और मेरि गोरि गोरि चुत को देखेनलगे और बोले अशि मलूम है जिसके चूत मैन तिल होता है।उसे हर रोज़ इसे सुसवना सहैये और इसके अनदर लनद दलवना चैये ।फिर पेअहले कि तरह मेरि चुत पर चुपके से तिल बना दिया।।। और बोले मैने कहा था कि है।।।मैने कहा पजिब बात है मैने तो लभि नहि देखा।।।।

फिर वोह मेरि चूत को चूसने लगे ।।। फिर थोदि देर बाद।।।हुम फिर से कहन कहने के लिये आ गये मैन बिलकुल ननगि थि मैने फिर से उनसले कि ओद मैन जा कर बैथ गयि।।।।फिर मैने पूचा उसले यह किया है।जो मुझे बहितब दर चुब रहा अहि। उनसले ने ननगे हो कर कहा और किया वहि लनद है मैने कहा था तुमहरि चुत देख कर हि कहदा हो जता है। मैने कहा पलज़ कुच करो इसका।।मैन इसे से बहुत परेशन हो रहि हून फिर उनसले सहिर पर बैथ गये।।।उर बोले आचा 2 मिनुते ।।एक काम करोम तुम यहन पर आओ।मैन चलि गयि ।फिर उनसले ने मेरि चुत्तद को दोने हाथोन से खोला और मेरे चेद को सोदा करके अपने लनद पर रख दिया।।।।और कहा जहतके से बैथ जयो ।मैन बैथ गयि और देखते हि देखे उनका 8' लमबा लनद मेरि चुआतद मैन घुस गया और मैन चिला उत्तहि।।।बोला बहुत दरद हो रहा है तो उनसले ने कहा कुत्तिया चुप हो जा।।।अभि 2 मिनुते बाद बहुत बहुत मजा आयेगा।। फिर उनहूने बैथ बैथे हि धके लगने शुरु किये ।।मैं भि अपनि चुत्तद उचले लगि और फिर उनहूने पना सुम मेरि चुत्तद मैन चोद दिया।

फिर कहदे हुए और मुझे गोद मैन उत्तहा कर कमरे मैन ले गये और कहा "चल अशि मेरे पूरे बदा पर तेल से मल्लिश करोन"।मैन कहा कयोन बोले इस त्रह से तो मेरी लनद का इलज होगा।मैन कर दि फिर अपनि चुत्ताद दिखा कर बोले "यहन पर भि" मैं करने लगि फिर एक दूसरा तेल निकला और बोले "इस तेल को मेरे लनद पर मल दो । हम।। ऐसा करोन अनि चुत्तद को मी मून के पस लकर अरम से लेत कर मलिश करो ,लेकिन पलज़ गस मत चोद देना" मैने हनस कर कहा "ओक"। फिर मैज बैथ कर उसि तरह से मलिश करने लगि और लनद को बदा होते होते हुए देखने लगि।

तभि उनसले मेरि चुत्तद को दबने लगे मैने पूचा "अप्प येह किअ कर रहे हो" तो उनसले मने कह हतलियोन कि मलिश फिर वोह बोले अरे भै हथ से हि मलतो रहि गि किया अब इसे मून मैन ले कर चूसो,,,मैन उसे चूसने लगि ।और मेरि चुत मैन उनगले दल ने लगे मैन फिर पूचा तो बले "उनगले के मलिश कर रजहा हून" फिर खदे हुए और मुझे ले कर पलनग पर पतक दिया।।।और मेरि चुत मैन लनद दिया और मेरे मूमोन को मरे पूरेबदन कभि दनते तो कभि चूसते फिर वोह धके लगने लगे मैन भि चुत्तद उचल ने लगि और फिर कुच हि देर मिन हुम दोनो शतन हो गये ,फिर उनसले मने अपना लनद मेरे मुनह मैन दिया और अमि उसे चूसने लगि और सरा का सरा सुम पि गयि ।।।और फिर हुम दोनो वहिन एक दूसरे के उप्पेर सो गये। सो कैसे लगि अचि ना ओक चलो चलते है mail me at ashigargashu@yahoo.co.in